विविध

पुस्तकें ज्ञान और सृजन का आधार: राज्यपाल

WhatsApp Image 2026-09-18 at 12.00.19 PM

 

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज नई दिल्ली में करुणा फांउडेशन एवं संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इन्द्रप्रस्थ साहित्य महोत्सव की अध्यक्षता की। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में राज्यपाल ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान और सृजन का आधार हैं। यह देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ कला व साहित्य को भावी पीढ़ियों तक पहंुचाने का सशक्त माध्यक हैं।

ashb advt_page-0001

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान करते हुए कहा कि अच्छी पुस्तकें पढ़ने से न केवल ज्ञानार्जन होता है बल्कि पाठक में सकारात्मक सोच और दृष्टिकोण भी विकसित होता है।

No Slide Found In Slider.

उन्होंने कहा कि साहित्य जीवन की एक अटूट कड़ी है और भारत ने हजारों वर्षों में इसे सहेजा एवं संवारा है। साहित्य एवं अन्य विधाओं का संवर्द्धन कर हमने पूरे विश्व के समक्ष अपनी इस ज्ञान परम्परा को रखने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय साहित्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ सृजनात्मक क्षमता भी प्रदर्शित होती है। वर्तमान में अच्छी किताबों के प्रकाशन के साथ-साथ पाठकों में पुस्तकें पढ़ने की रूचि पैदा करने की नितांत आवश्यकता है।

राज्यपाल ने इन्द्रप्रस्थ साहित्य महोत्सव के आयोजन के लिए करुणा फांउडेशन के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर करुणा फांउडेशन के सदस्य और अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close