विविध

संपन हुआ भाज्युमो का 3 दिवसिया प्रशिक्षण वर्ग

WhatsApp Image 2026-09-18 at 12.00.19 PM

 

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में चल रहे भारतीय जनता युवा मोर्चा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन की शुरुआत योग और प्राणायाम सत्र से हुई। योग के बाद शुरुआती सत्र में  सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्री विक्रमजीत बनर्जी द्वारा “टूल्स ऑफ लीगल एक्टिविज़्म” पर व्याख्यान लिया। उन्होंने भाजयुमो के कार्यकर्ताओं को कानून का महत्व समझाते हुए कहा- ‘’कानून ढाल भी है और तलवार भी। यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं।“ दूसरा सत्र पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा जी, उड़ान के संस्थापक सुजीत कुमार जी और कू ऐप के संस्थापक अप्रेनेया राधाकृष्ण जी ने लिया। आप सब ने “न्यू इंडिया 2047 – स्टार्टअप, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी और सरकार” विषय पर अपने विचार साझा किए। व्यवसाय क्षेत्र की तीन प्रमुख हस्तियों ने देश में बढ़ती स्टार्टअप संस्कृति और विशेष रूप से 2014 के बाद नए व्यावसायिक विचारों को सुविधाजनक बनाने और प्रेरित करने के लिए सरकार की नीतियों के बारे में चर्चा की। पेटीएम के संस्थापक श्री विजय शर्मा जी ने कहा- “यह सरकारी नीतियों में बदलाव के कारण  संभव हो पाया है। 2014 के बाद से भारत कई यूनिकॉर्न कंपनियों का प्रजनन स्थल बना है। वह भी बहुत ही सीमित समय में।

ashb advt_page-0001
No Slide Found In Slider.

इसके बाद भारतीय सेना के कैप्टन आर रघुराम जी ने “सशस्त्र बलों से नेतृत्व” विषय पर एक सीखने और प्रेरक सत्र दिया।

समापन सत्र में भाजयुमो प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव श्री तरुण चुग जी ने ‘’भाजयुमो की भूमिका’’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा- ‘’युवा मोर्चा का हर कार्यकर्ता व्यवस्था परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। केंद्र सरकार द्वारा आम जनता के लिए किये जा रहे प्रयासों को उन तक पहुंचने, प्रचार प्रसार करने का भी।“

भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद श्री तेजस्वी सूर्या ने चल रहे प्रशिक्षण शिविर के बारे में बताते हुए कहा – “यह शिविर एक गुरुकुल है, जहाँ सभी वरिष्ठ नेता गुरु द्रोण की तरह हैं । जो अपने पांडवों को सभी के खिलाफ लड़ने के लिए सबक और कौशल सिखाते हैं। बाधाओं और राष्ट्र निर्माण के लिए काम करते हैं।“

उन्होंने आगे कहा- “यहां इस प्रशिक्षण सत्र में हम अपने कार्यकर्ताओं के समग्र विकास पर जोर दे रहे हैं – बौद्धिक, सामाजिक, संगठनात्मक, शारीरिक और आध्यात्मिक जो निश्चित रूप से हमारे कार्यकर्ताओं को उनके सार्वजनिक और व्यक्तिगत जीवन में मदद करेंगे।“

तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का अंतिम सत्र रहा “प्रश्नावली सत्र” के साथ समाप्त हुआ ।  जिसमें कार्यकर्ताओं को भाजपा के वर्तमान वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करने और अपने विचार सांझा करने का अवसर मिला।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close