शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई : लगभग एक करोड़ रुपये की एलएसडी ड्रग्स की खेप बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला पुलिस शिमला की विशेष टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए *एलएसडी (LSD – Lysergic Acid Diethylamide)*की 562 स्ट्रिप्स बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ की अवैध बाजार में अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस संबंध में पुलिस थाना न्यू शिमला में एफआईआर संख्या 14/2026 के तहत एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) की धारा 22 व 29 के अंतर्गत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
यह कार्रवाई नशे के खिलाफ हिमाचल पुलिस की सतर्कता, सक्रियता और सख्त रुख को दर्शाती है।
*एल.एस.डी. (LSD) क्या है*
एल.एस.डी. का पूरा नाम Lysergic Acid Diethylamide है। यह एक अत्यंत शक्तिशाली साइकेडेलिक (Psychedelic) मादक पदार्थ है, जो व्यक्ति के मस्तिष्क और मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालता है। इसके सेवन से व्यक्ति को भ्रम (Hallucination), मानसिक असंतुलन तथा गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।
एल.एस.डी. अत्यंत कम मात्रा में भी प्रभावी होता है, इसलिए इसे सामान्यतः छोटे कागज के टुकड़ों (स्टाम्प/ब्लॉटर पेपर) पर डालकर बेचा जाता है। इसके दुरुपयोग के कारण अधिकांश देशों में इसे प्रतिबंधित कर दिया गया है।
*भारत में यह एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अंतर्गत पूर्ण रूप से प्रतिबंधित मादक पदार्थ है।*
*मुख्यमंत्री श्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार नशा मुक्त हिमाचल के लक्ष्य के साथ जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।*
*पुलिस महानिदेशक श्री अशोक तिवारी, आईपीएस ने कहा कि नशा तस्करों, सप्लाई नेटवर्क और ड्रग पेडलर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।हिमाचल में नशे का कारोबार करने वालों के लिए कोई जगह नहीं — पुलिस की नजर हर नेटवर्क पर है।*
*जिला पुलिस शिमला की जनता से अपील*
नशे के कारोबार, तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। नशे के खिलाफ इस लड़ाई में जनसहयोग ही सबसे बड़ी ताकत है


