विविध

अगर बढ़ रहे कोरोना के मामले तो सरकारी जनमंच फिर बहाल क्यों?।

सरकार का अनोखा फैसला ---जोगटा

 

 

प्रदेश आम आदमी पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया की सरकार ने एक बार फिर हैरान करने वाला फैसला सुनाया है।हाल ही की कैविनेट में नवरात्रों के दौरान मंदिर में लंगर,हवन और भंडारों पर कोविड के कारण प्रतिबंध लगा दिया गया। परन्तु राजनीतिक जिज्ञासा के चलते 25 अप्रैल को जनमंच का आयोजन फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया।जो कि सरासर गलत है।प्रदेश के सभी जिलाओं मे कोरोना मरीजों की ताबड़तोड़ बढोतरी हो रही है।परन्तु अभी तक बाहिर से आ रहे पर्यटकों पर कोविड टेस्ट और उसका प्रमाण देने जैसा कोई प्रतिबंध नही लगाया गया है।सरकार ने चुनाव करवाए,मेलों का आयोजन किया। जिससे हजारों की संख्या में कोविड के मरीजों में इजाफा हुआ। परन्तु इससे भी सरकार की हसरत पूरी नही हुई ।प्रदेश की जनता सरकार के ऐसे बचकाने फैसलों से अति स्तब्ध है। जिनमे वह केवल अपने राजनीतिक फायदे तलाश रही है। भले ही उसमें लोगों की जाने जा रही हों। सरकार की सोच अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा पूरी करने तक ही सीमित है।

आप पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एसएस जोगटा ने सरकार से अपनी सोच बदलने की अपील की है और आग्रह किया कि वह राजनीतिक फायदे से थोड़ा मुहँ मोड़ कर जनहित का भी ख्याल रखे ।अगर सरकार की सोच में तब्दीली नही आई तो आप पार्टी को इस विकट समय पर भी संघर्ष की राह पर अग्रसर होना पड़ेगा जिसका सारा उत्तरदायित्व सरकार पर होगा।उन्होंने सरकार से एक बार फिर आग्रह किया कि वह बीमारी को गम्भीरता से ले और प्रदेश के भोले भाले लोगों की जान की रक्षा करे न कि राजनीतिक फायदों के लिए देश की जनता का प्रयोग करें।

 

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