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शिमला की विपाशा ने निमहैंस पीएचडी प्रवेश परीक्षा में किया टॉप

*शोधकार्य के लिए उन्हें फेलोशिप भी मिलेगी

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बेंगलुरु स्थित भारत सरकार के प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (निमहैंस) में मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास विषय में पीएचडी हेतु आयोजित अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा में शिमला की प्रतिभाशाली छात्रा विपाशा श्रीवास्तव ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। पीएचडी करने के लिए उन्हें इंस्टीट्यूट फेलोशिप भी प्रदान की जाएगी।

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उल्लेखनीय है कि निमहैंस को भारत सरकार से राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा प्राप्त है तथा मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइंसेज के क्षेत्र में यह देश का अग्रणी संस्थान है।

विपाशा ने हाल ही में चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग से क्लिनिकल साइकोलॉजी में एम.फिल. उच्च प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आयोजित अखिल भारतीय परीक्षा में भी उन्होंने टॉप किया था।

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उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान विषय में बीए (ऑनर्स) तथा दिल्ली विश्वविद्यालय से क्लिनिकल साइकोलॉजी में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की है। उनकी स्कूली शिक्षा शिमला के दयानंद पब्लिक स्कूल तथा लॉरेटो कॉन्वेंट स्कूल में हुई।

विपाशा के पिता प्रो. अजय श्रीवास्तव हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी माता मृदुला श्रीवास्तव सतलुज जल विद्युत निगम में डिप्टी जनरल मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हुई हैं।

परिजनों के अनुसार विपाशा बचपन से ही क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट बनकर समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने का सपना देखती रही हैं। वह रिहैबिलिटेशन काउंसिल आफ इंडिया से मान्यता प्राप्त क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट हैं और वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में कार्यरत हैं।

Deepika Sharma

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