विविध

हिमाचल प्रदेश कर्मचारियों के हक में ऐतिहासिक फैसला : डॉ. मामराज पुंडीर

WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22 (1)
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.21
WhatsApp Image 2026-07-09 at 17.20.22 (2)

— हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा “हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी (भर्ती और सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2024” के विवादित प्रावधानों को खारिज किया जाना प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरा निर्णय है।

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

इस मामले में माननीय न्यायाधीशों ने 5 जनवरी 2026 को सुनवाई पूरी करने के बाद आज अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उन प्रावधानों को निरस्त कर दिया, जो वर्ष 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के अधिकारों को सीमित करते थे।

याचिकाकर्ताओं ने इस अधिनियम को संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के विरुद्ध बताते हुए चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि सरकार ने इस कानून के माध्यम से पूर्व में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा दिए गए उन निर्णयों को प्रभावहीन करने का प्रयास किया, जिनमें अनुबंध सेवा को वरिष्ठता और वित्तीय लाभ के लिए मान्यता दी गई थी।

No Slide Found In Slider.

माननीय न्यायालय के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार्य नहीं है और उनके संवैधानिक अधिकारों का रक्षण सर्वोपरि है।

डॉ. मामराज पुंडीर ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह न्याय, समानता और कर्मचारियों के सम्मान की जीत है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह भविष्य में ऐसे निर्णय लेने से बचे, जो कर्मचारियों के अधिकारों को प्रभावित करते हों, और एक सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण नीति अपनाए।

उन्होंने प्रदेश के सभी कर्मचारियों को इस महत्वपूर्ण जीत पर बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि अब कर्मचारियों के हितों की रक्षा और अधिक मजबूती से होगी।

 

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close