विशेषस्वास्थ्य

EXCLUSIVE: दवा जांच रिपोर्ट आने से पहले ही एक्सपायर हो रही दवाएं 

कंडाघाट लैब से देरी से मिल रही दवा सैंपल की जांच रिपोर्ट, शिमला से दवा सैंपल को भेजे हुए हो गया साठ दिन से ज्यादा का समय पूरा

 

हिमाचल में दवा जांच की रिपोर्ट बहुत ही देरी से आ रही है ।नतीजा यह हो रहा है कि रिपोर्ट आने तक या तो सैंपल एक्सपायर हो रहे हैं या यदि सैंपल फेल आता है तब तक कई मरीज इन दवाओं को खा भी लेते है। जानकारी के मुताबिक कंडाघाट लैब में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से दवा सैंपल को जांच के लिए भेजा जाता है। लेकिन यहां से रिपोर्ट बहुत ही देरी से दी जा रही है। नियम के तहत कम से कम 15 दिन के भीतर यह रिपोर्ट आ जाने चाहिए लेकिन यहां से रिपोर्ट लगभग 60 दिन से भी ज्यादा समय के बाद पहुंच रही है।

जानकारी मिली है कि शिमला से लगभग 3 माह पहले कुछ मेडिसिन के सैंपल्स को कंडाघाट लैब जांच के लिए भेजा गया था। लेकिन अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आ पाई है। गौर हो कि समय दर समय  दवा निरीक्षक दवाओं के सैंपल जांच के लिए लैब भेजतेे है । यदि लैब ही समय पर इसकी जांच नहीं करेगी तो यह स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होना लाजमी है। गौर हो कि प्रदेश सरकार द्वारा बद्दी में भी एक लैब बनाने पर कार्य किया जा रहा है लेकिन ना तो कंडाघाट लैब से सैंपल जांच समय पर हो पा रही है और ना ही नई लैब हाइटेक हो पाई है।

 

दवाओं के सैंपल की जांच करना भी समय दर समय जरूरी रहता है। कई बार दवाओं के सैंपल फेल होते हैं और उसके बाद उनका बैच इस्तेमाल के लिए रोक दियाा जााता  है और न्यायिक तौर पर इस पर काम होता है ।

लेकिन यदि जांच की रिपोर्ट ही समय पर नहीं आएगी तो यह कार्रवाई भी रुक जाती है। गौर हो कि कंडाघाट लैब में भी स्टाफ की काफी कमी बताई जाती है लेकिन अब दवाओं की जांच यदि समय पर नहीं हो पाए तो इसे लेकर जांच के लिए सैंपल उठाने वाले अधिकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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